बाबूजी धीरे चलना (babuji dheere chalna)
गायक:- गीता दत्त
बाबूजी धीरे चलना
प्यार में ज़रा
संभलना
हां.. बड़े धोखे
हैं बड़े धोखे हैं
इस राह में
बाबूजी धीरे चलना
प्यार में ज़रा
संभलना
हां.. बड़े धोखे
हैं बड़े धोखे हैं
इस राह में
बाबूजी धीऱे चलना
क्यों हो खोये हुए सर
झुकाए जैसे जाते हो
सब कुछ लुटाए
ये तो बाबूजी पहला
कदम है नज़र आते
हैं अपने पराये
हां.. बड़े धोखे
हैं बड़े धोखे हैं
इस राह में
बाबूजी धीरे चलना
प्यार में ज़रा
संभलना
हां.. बड़े धोखे
हैं बड़े धोखे हैं
इस राह में
बाबूजी धीऱे चलना
ये मोहब्बत हैं ओ
भोले भाले कर ना दिल
को गमों के हवाले
काम उल्फ़त के नाज़ुक
बहुत हैं आके होठों
पे टूटेंगे प्याले
हां.. बड़े धोखे
हैं बड़े धोखे हैं
इस राह में
बाबूजी धीरे चलना
प्यार में ज़रा
संभलना
हां.. बड़े धोखे
हैं बड़े धोखे हैं
इस राह में
बाबूजी धीऱे चलना
हो गयी हैं किसी से
जो अन बन थाम ले
दूसरा कोई दामन
जिंदगानी की राहें
अजब हैं हो अकेला तो
लाखों हैं दुश्मन
हां.. बड़े धोखे
हैं बड़े धोखे हैं
इस राह में
बाबूजी धीरे चलना
प्यार में ज़रा
संभलना
हां.. बड़े धोखे
हैं बड़े धोखे हैं
इस राह में
बाबूजी धीऱे चलना

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